क्यों नहीं चलते हैं मध्य प्रदेश में अंग्रेजी के अखबार

Madhya Pradesh is a graveyard of English newspapers

NK SINGH

Published in Subah Savere, 7 August 2015 

भोपाल से महज 160 किलोमीटर दूर हरदा में चार अगस्त की रात को एक भीषण रेल हादसा हुआ. जैसा कि स्वाभाविक है, अगली सुबह भोपाल के ज्यादातर बड़े अख़बारों में यह खबर पहले पन्ने पर थी.

सीमित साधनों वाले कुछ छोटे अख़बार, खासकर वे अख़बार जिनके पास अपना छापाखाना नहीं है, जरूर इस महत्वपूर्ण खबर को नहीं छाप पाए. खबर न छापने वालों में यह दैनिक भी शामिल है. (वैसे सुबह-सवेरे अपने आप को “दैनिक समाचार पत्रिका” कहता है.)

भोपाल के जिन दो बड़े समाचार पत्रों में हरदा हादसे की खबर उस दिन नहीं छपी, वे हैं —- हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ़ इंडिया. यह दोनों कोई छोटे-मोटे सीमित साधनों वाले अख़बार नहीं है. Continue reading “क्यों नहीं चलते हैं मध्य प्रदेश में अंग्रेजी के अखबार”

ऐसे थे मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री रामहित गुप्त

Ramhit Gupta (1932-2013)

Ramhit Gupta, former Finance Minister of Madhya Pradesh

NK SINGH

भाजपा नेता गुप्त  मध्य प्रदेश  की जनता  सरकार  (१९७७ -80) में वित्त मंत्री थे. घर में चोरी हुई। वे सरकारी जहाज लेकर सतना चले गए। बवाल मच गया क्योंकि उन्होंने निजी यात्रा के लिए सरकारी जहाज का इस्तेमाल किया था।

क्या जमाना था और क्या लोग थे!

उनके साहूकार पिता रामप्रताप गुप्त व्यावहारिक आदमी थे। बेटे के मंत्री बनने का उनपर कोई असर नहीं पड़ा। वित्त मंत्री के रूप में रामहित गुप्त के शपथ ग्रहण ठीक बाद ही, एक सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर ने उनसे २५ रूपये बतौर नजराना वसूल लिए.

बेचारे को बाद में पता चला कि उसने अपने विभाग के मंत्री के बाप को ही मूड दिया है। दौड़ा-दौड़ा क्षमा मांगते हुए रूपये वापस करने आया. रामप्रताप गुप्त ने हाथ जोड़ दिए, “हमार लड़िका तो आज मिनिस्टर है, पर हमखा तो तुमसे रोज़े काम पडेखा.”

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When LK Advani kicked out Kushabhau Thakre from Madhya Pradesh on charge of groupism

Kushabhau Thakre

NK SINGH

Published in India Today, 15 August 1993

The decision by L.K. Advani to “kick start” party politics in Madhya Pradesh has begun with taking away General Secretary Kushabhau Thakre’s charge of the state.

It has created a storm amongst the rank and file who viewed Thakre as a father figure. Thakre’s charge being handed over to Sunder Singh Bhandari has also upset Vijaya Raje Scindia, former chief minister Sunderlal Patwa and party manager Kailash Sarang as they are all part of Thakre’s inner circle. Continue reading “When LK Advani kicked out Kushabhau Thakre from Madhya Pradesh on charge of groupism”

Naxal Found Chotanagpur Suitable for Guerrilla Warfare in 1969

Last year a militant Adivasi movement was launched by Birsa Seva Dal in Chotanagpur, Bihar. It influenced the villagers so much that they demonstrated even in the Ranchi town flashing their traditional arms.

Naxalites, who saw Chotanagpur hills as a strategic place for guerrilla war, were also active in the Dal. But they failed in their movement because the Adivasis have little faith in strangers. Continue reading “Naxal Found Chotanagpur Suitable for Guerrilla Warfare in 1969”