स्टेज पर फिरकापरस्ती के खिलाफ तकरीर, नीचे मजहबी नारे

Dainik Bhaskar 11 April 2019

The importance of being Asaduddin Owaisi

NK SINGH

हैदराबाद: चार मीनार के पास घनी आबादी वाली एक बस्ती. सड़क के दोनों तरफ पंसारी, हलवाई, नाई और इसी तरह के छोटे-मोटे कारोबार करने वालों की दुकानें हैं. बीच-बीच में कसाईयों की दुकानें हैं. कटे हुए जानवरों के धड़ लटके हैं, जिनकी गंध पूरे इलाके में फैली है. एक तरफ एक मस्जिद है, दूसरी तरफ इस्लामिक लाइब्रेरी एंड रीडिंग रूम का बोर्ड नजर आ रहा है.

इन सबके बीच बाज़ार में सड़क रोक कर एक स्टेज खड़ा कर दिया गया है. ऊपर मंच पर वक्ता साम्प्रदायिक ताकतों की खिलाफ गरमा-गरम तकरीरें कर रहे हैं. नीचे रखी कुर्सियों पर बैठे श्रोता कोई भी जुमला पसंद आने पर ‘नाराए तकबीर, अल्लाहो अकबर’ के नारे लगाते हैं.

पर ये सब टाइम पास वक्ता हैं.

लोगों को मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी का इंतज़ार है, जो हैदराबाद से सांसद हैं, और अपने जोशीले, चुटीले और लच्छेदार भाषणों के लिए मशहूर हैं. Continue reading “स्टेज पर फिरकापरस्ती के खिलाफ तकरीर, नीचे मजहबी नारे”