केसीआर देख रहे हैं पीएम बनने का सपना

K Chandrashekhar Rao

KCR Dreams of Becoming PM

NK SINGH

हैदराबाद, १२ अप्रैल २०१९

लोक सभा चुनाव के ठीक पहले तेलंगाना के मुख्य मंत्री के चंद्रशेखर राव की महत्वाकांछा कुलांचे भर रही है. वे अपने वोटरों से पूछते हैं: “क्या जरूरी नहीं कि एक ऐसा लीडर सामने आये जो नया भारत बनने के संघर्ष की अगुआई कर सके? क्या आप चाहते हैं कि केसीआर यह काम करे?”

अपनी चुनावी सभाओं में नरेन्द्र मोदी इसका तीखा जवाब देते हैं: “कार बेकार है क्योंकि उसकी स्टीयरिंग मजलिस के हाथ में है.” कार केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट समिति (टीआरएस) का चुनाव चिन्ह है. टीआरएस की असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मजलिसे-इत्तेहादुल-मुसलमीन से जोड़ीदारी जगजाहिर है.

केसीआर इसपर गुस्से में उफनते हैं: “मोदी कहते हैं कि मेरी नाक लम्बी है. उनको इसकी चिंता क्यों है? वे कहते हैं कि मैं ज्योतिष में यकीन रखता हूँ. उनको इससे क्या मतलब?”

राजनीतिक क्षेत्रों में चुनाव के नतीजों से ज्यादा दिलचस्पी चुनाव के बाद बनने वाले समीकरणों को लेकर है. तेलंगाना में भले केवल १७ सीटें हो, देश में खंडित जनादेश की उम्मीद बांधे केसीआर चुनाव के बाद अपने लिए और अपने नए-नवेले राज्य के लिए दिल्ली दरबार में एक निर्णायक भूमिका देख रहे हैं. Continue reading “केसीआर देख रहे हैं पीएम बनने का सपना”

स्टेज पर फिरकापरस्ती के खिलाफ तकरीर, नीचे मजहबी नारे

Dainik Bhaskar 11 April 2019

The importance of being Asaduddin Owaisi

NK SINGH

हैदराबाद: चार मीनार के पास घनी आबादी वाली एक बस्ती. सड़क के दोनों तरफ पंसारी, हलवाई, नाई और इसी तरह के छोटे-मोटे कारोबार करने वालों की दुकानें हैं. बीच-बीच में कसाईयों की दुकानें हैं. कटे हुए जानवरों के धड़ लटके हैं, जिनकी गंध पूरे इलाके में फैली है. एक तरफ एक मस्जिद है, दूसरी तरफ इस्लामिक लाइब्रेरी एंड रीडिंग रूम का बोर्ड नजर आ रहा है.

इन सबके बीच बाज़ार में सड़क रोक कर एक स्टेज खड़ा कर दिया गया है. ऊपर मंच पर वक्ता साम्प्रदायिक ताकतों की खिलाफ गरमा-गरम तकरीरें कर रहे हैं. नीचे रखी कुर्सियों पर बैठे श्रोता कोई भी जुमला पसंद आने पर ‘नाराए तकबीर, अल्लाहो अकबर’ के नारे लगाते हैं.

पर ये सब टाइम पास वक्ता हैं.

लोगों को मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी का इंतज़ार है, जो हैदराबाद से सांसद हैं, और अपने जोशीले, चुटीले और लच्छेदार भाषणों के लिए मशहूर हैं. Continue reading “स्टेज पर फिरकापरस्ती के खिलाफ तकरीर, नीचे मजहबी नारे”